समीक्षा: Infinity Care Hospital Medical Team
बच्चों में दस्त और डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ सकते हैं, खासकर छोटे बच्चों और शिशुओं में। बार-बार पतला मल, उल्टी और बुखार से शरीर का पानी और जरूरी लवण कम हो सकते हैं। बच्चा बहुत प्यासा हो, आंखें धंसी लगें, पेशाब कम हो, सुस्त हो जाए, पी न पाए या मल में खून आए तो इसे साधारण लूज मोशन मानकर इंतजार नहीं करना चाहिए। यह लेख वाराणसी और आसपास के माता-पिता के लिए बताता है कि ORS कैसे और कितनी बार दें, स्तनपान व भोजन क्यों जारी रखें, कौन से घरेलू कदम सुरक्षित हैं और किन संकेतों में तुरंत डॉक्टर या अस्पताल की जरूरत होती है।
बच्चों में दस्त किसे कहा जाता है?
दस्त में बच्चा सामान्य से अधिक बार पतला या पानी जैसा मल करता है। केवल आवृत्ति नहीं, मल की बनावट और बच्चे की सामान्य आदत भी महत्वपूर्ण है। स्तनपान करने वाले छोटे शिशु दिन में कई बार नरम मल कर सकते हैं, जो हमेशा दस्त नहीं होता। अचानक पानी जैसा मल, दुर्गंध, उल्टी, बुखार या बच्चा कमजोर दिखना बीमारी की ओर संकेत कर सकता है।
वायरस, बैक्टीरिया, परजीवी, दूषित भोजन या पानी और हाथों की खराब स्वच्छता सामान्य कारण हैं। कभी-कभी एंटीबायोटिक, भोजन असहिष्णुता या दूसरी बीमारी भी दस्त करा सकती है। कारण जानने से पहले स्वयं एंटीबायोटिक देना ठीक नहीं है।
डिहाइड्रेशन क्यों खतरनाक है?
पतले मल और उल्टी में शरीर से पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम और अन्य लवण निकलते हैं। छोटे बच्चे के शरीर में पानी का भंडार कम होता है, इसलिए उसकी स्थिति जल्दी बिगड़ सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन डिहाइड्रेशन को दस्त का सबसे गंभीर खतरा बताता है और स्तनपान व पौष्टिक भोजन जारी रखने पर जोर देता है।
बच्चों में डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत
- सामान्य से ज्यादा प्यास और पानी जल्दी-जल्दी पीना।
- चिड़चिड़ापन, बेचैनी या लगातार रोना।
- मुंह और जीभ का सूखा लगना।
- आंखें धंसी हुई दिखना या रोने पर आंसू कम आना।
- पेशाब कम होना या शिशु का डायपर लंबे समय तक सूखा रहना।
- कम खेलना, कमजोरी या असामान्य नींद।
गंभीर डिहाइड्रेशन में बच्चा बहुत सुस्त या बेहोश हो सकता है, ठीक से पी नहीं पाता, हाथ-पैर ठंडे हो सकते हैं, सांस तेज हो सकती है और त्वचा की लचक कम लग सकती है। ऐसी स्थिति में घर पर केवल ORS देते हुए इंतजार न करें; तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
ORS क्या करता है?
ORS यानी Oral Rehydration Solution में पानी, नमक और ग्लूकोज सही अनुपात में होते हैं। यह दस्त रोकने की दवा नहीं है, बल्कि शरीर से निकले पानी और लवण की भरपाई करता है। सही तरीके से बनाया गया ORS डिहाइड्रेशन से बचाने में बहुत प्रभावी है।
पैकेट पर लिखे निर्देश के अनुसार ही साफ पानी की सही मात्रा में पूरा पैकेट घोलें। कम पानी में घोलने से मिश्रण जरूरत से ज्यादा गाढ़ा हो सकता है और अधिक पानी में घोलने से सही संतुलन नहीं रहेगा। तैयार घोल को ढककर रखें और पैकेट के निर्देश के अनुसार समय के भीतर उपयोग करें। बचा हुआ पुराना घोल दोबारा न दें।
बच्चे को ORS कैसे दें?
चम्मच या छोटे कप से बार-बार थोड़ी मात्रा दें। बच्चा उल्टी करे तो कुछ मिनट रुकें और फिर धीरे-धीरे छोटे घूंट देना शुरू करें। एक बार में बहुत ज्यादा पिलाने से उल्टी बढ़ सकती है। स्तनपान करने वाले बच्चे को मां का दूध बार-बार देते रहें।
बच्चे की उम्र, वजन और डिहाइड्रेशन के स्तर के अनुसार जरूरत अलग हो सकती है। यदि बच्चा पी नहीं पा रहा, हर चीज उलट दे रहा है या सुस्त हो रहा है तो अस्पताल में मूल्यांकन और नस से तरल की जरूरत हो सकती है।
जिंक कब दिया जाता है?
भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के F-IMNCI मॉड्यूल में बचपन के तीव्र दस्त में उम्र के अनुसार जिंक देने और स्तनपान तथा सामान्य भोजन जारी रखने की सलाह दी गई है। जिंक की सही मात्रा बच्चे की उम्र के अनुसार होती है, इसलिए डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की सलाह से दें।
जिंक ORS का विकल्प नहीं है। ORS पानी और लवण की कमी पूरी करता है, जबकि जिंक बीमारी की अवधि और अगली कड़ियों पर लाभ दे सकता है। बिना सलाह के एंटीबायोटिक, दस्त रोकने वाली वयस्क दवा या इंजेक्शन न दें।
भोजन और स्तनपान बंद न करें
दस्त में बच्चे को भूखा रखना नुकसानदेह हो सकता है। मां का दूध जारी रखें। उम्र के अनुसार खिचड़ी, दाल-चावल, दही-चावल, केला, हल्का घर का भोजन या बच्चा जो नियमित पौष्टिक भोजन सहन करता है, छोटे भागों में दें। बहुत मीठे पैकेट वाले जूस, सोडा और एनर्जी ड्रिंक ORS का विकल्प नहीं हैं और दस्त बढ़ा सकते हैं।
दस्त रुकने के बाद कुछ दिनों तक अतिरिक्त पौष्टिक भोजन देना वजन और ताकत वापस पाने में मदद कर सकता है। यदि बच्चा लंबे समय से कुपोषित है, बार-बार दस्त होता है या वजन नहीं बढ़ रहा तो बाल रोग विशेषज्ञ से पोषण मूल्यांकन कराएं।
कौन से खतरे के संकेत तुरंत अस्पताल ले जाने वाले हैं?
- बच्चा पानी या मां का दूध नहीं पी पा रहा।
- बहुत सुस्त, बेहोश या प्रतिक्रिया कम हो गई है।
- बार-बार उल्टी से ORS रुक नहीं रहा।
- मल में खून या काला मल दिखाई दे रहा है।
- आंखें धंसी हैं, मुंह सूखा है और पेशाब बहुत कम है।
- तेज बुखार, दौरा, सांस तेज या हाथ-पैर ठंडे हैं।
- पेट बहुत फूल गया है या तेज दर्द है।
- दस्त 14 दिन या उससे अधिक चल रहा है।
- बच्चा छह महीने से कम उम्र का है और बार-बार दस्त या उल्टी हो रही है।
डॉक्टर कौन सी जांच कर सकते हैं?
अधिकतर साधारण तीव्र दस्त में हर बच्चे को लैब जांच की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर पहले डिहाइड्रेशन, तापमान, वजन, पेशाब, पोषण और खतरे के संकेत देखते हैं। लंबे समय से दस्त, मल में खून, गंभीर बीमारी, बहुत छोटा शिशु या बार-बार समस्या होने पर जांच सलाह दी जा सकती है।
| जांच/मूल्यांकन | क्यों किया जाता है | कब विचार किया जाता है |
|---|---|---|
| Clinical hydration check | डिहाइड्रेशन की गंभीरता | हर बीमार बच्चे में प्राथमिक मूल्यांकन |
| Stool test | खून, परजीवी या संक्रमण संकेत | लंबे दस्त या खून वाले मल में |
| Blood sugar/electrolytes | शुगर और लवण असंतुलन | गंभीर डिहाइड्रेशन या सुस्ती में |
| CBC or cultures | संक्रमण और अन्य संकेत | डॉक्टर के संदेह और गंभीरता के अनुसार |
घर पर कौन सी गलतियां न करें?
केवल मीठा पानी, कोल्ड ड्रिंक या बिना माप का नमक-चीनी घोल ORS का भरोसेमंद विकल्प नहीं है। पैकेट वाला ORS उपलब्ध हो तो उसे निर्देश के अनुसार बनाएं। वयस्कों की दस्त रोकने वाली दवा बच्चे को न दें। बचा हुआ एंटीबायोटिक इस्तेमाल न करें और इंजेक्शन की मांग न करें।
बच्चे को भूखा न रखें और स्तनपान बंद न करें। दस्त कम दिखने पर भी पेशाब, पीने की क्षमता और सक्रियता देखते रहें। बाहरी रूप से ठीक लगने वाला बच्चा भी कम पेशाब और सुस्ती के साथ डिहाइड्रेट हो सकता है।
दस्त से बचाव के कदम
खाना बनाने, बच्चे को खिलाने, शौचालय के बाद और बच्चे का मल साफ करने के बाद साबुन से हाथ धोएं। सुरक्षित पानी पिएं और साफ ढके बर्तन में रखें। दूध और भोजन सही तापमान पर रखें, बासी भोजन से बचें और फल-सब्जियां साफ पानी से धोएं। रोटावायरस टीकाकरण सहित उम्र के अनुसार टीके समय पर लगवाएं।
त्योहार या यात्रा के समय बाहर का पानी, खुले में रखा भोजन, कटे फल और बर्फ बच्चों को देते समय विशेष सावधानी रखें। बीमारी फैल रही हो तो परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए भी हाथ धोना और अलग साफ बर्तन उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
वाराणसी के माता-पिता के लिए सरल योजना
पहला लक्ष्य बच्चे को डिहाइड्रेशन से बचाना है: ORS के छोटे घूंट, स्तनपान और भोजन जारी रखें। दूसरा लक्ष्य खतरे के संकेत देखना है: पेशाब, प्यास, आंखें, सक्रियता, उल्टी, बुखार और मल में खून। तीसरा लक्ष्य समय पर मदद लेना है। बच्चा पी न पाए, बहुत सुस्त हो या पेशाब तेजी से घटे तो नजदीकी चिकित्सा सुविधा पर जाएं।
FAQs
बच्चे को दस्त में ORS कितनी बार देना चाहिए?
हर पतले मल के बाद उम्र और सहनशीलता के अनुसार छोटे-छोटे घूंट बार-बार दें। सटीक मात्रा बच्चे के वजन और डिहाइड्रेशन पर निर्भर करती है। उल्टी हो तो थोड़ी देर बाद धीरे शुरू करें।
क्या दस्त में दूध बंद करना चाहिए?
स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए। अन्य दूध या भोजन के बारे में सलाह बच्चे की उम्र, समस्या और सहनशीलता पर निर्भर करती है। नियमित पौष्टिक भोजन सामान्यतः जारी रखा जाता है।
डिहाइड्रेशन का सबसे महत्वपूर्ण संकेत क्या है?
कम पेशाब, बहुत प्यास, धंसी आंखें, सूखा मुंह, असामान्य सुस्ती और पीने में कठिनाई महत्वपूर्ण संकेत हैं। एक से अधिक संकेत हों या बच्चा बिगड़ रहा हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
क्या हर दस्त में एंटीबायोटिक देना चाहिए?
नहीं। बच्चों के कई दस्त वायरल होते हैं और एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। गलत एंटीबायोटिक नुकसान और प्रतिरोध बढ़ा सकता है। डॉक्टर कारण और गंभीरता देखकर निर्णय लेते हैं।
मल में खून आए तो क्या करें?
मल में खून खतरे का संकेत है। बच्चे को जल्द डॉक्टर को दिखाएं, खासकर बुखार, पेट दर्द, सुस्ती, उल्टी या कम पेशाब भी हो। स्वयं दवा देकर इंतजार न करें।
